उत्तर प्रदेश में माध्यमिक स्तर के विद्यालयों में शिक्षक बनने की चाह रखने वाले अभ्यर्थियों के लिए यूपी टीजीटी (Trained Graduate Teacher) और पीजीटी (Post Graduate Teacher) की परीक्षा सबसे बड़ा माध्यम है। उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग द्वारा आयोजित होने वाली इस परीक्षा में हर साल कड़ा मुकाबला देखने को मिलता है। परीक्षा की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों के लिए केवल पाठ्यक्रम को पूरा करना ही काफी नहीं होता, बल्कि एक निश्चित लक्ष्य या ‘सेफ स्कोर’ को दिमाग में रखकर रणनीति बनाना बेहद जरूरी है।
परीक्षा संपन्न होने के बाद या उसकी तैयारी के दौरान, अभ्यर्थियों के बीच सबसे ज्यादा चर्चा इस बात पर होती है कि फाइनल मेरिट लिस्ट में जगह बनाने के लिए कितने प्रश्न सही करने होंगे। इस लेख में हम विस्तृत रूप से चर्चा करेंगे कि इस साल का संभावित कट-ऑफ किस दिशा में जा रहा है और वे कौन से कारक हैं जो इसे तय करते हैं।
ये 4 बड़े कारक तय करते हैं फाइनल कट-ऑफ का दायरा
किसी भी विषय का कट-ऑफ पहले से तय नहीं होता, बल्कि यह पूरी तरह से परीक्षा के दिन और उससे जुड़ी जमीनी परिस्थितियों पर निर्भर करता है:
- विषय-वार खाली सीटें: विज्ञापन में किसी विशेष विषय के लिए कितनी सीटें जारी की गई हैं, इसका कट-ऑफ पर सबसे सीधा असर पड़ता है। कम सीटों वाले विषयों में प्रतिस्पर्धा अत्यधिक बढ़ जाती है, जिससे मेरिट ऊपर जाती है।
- आवेदकों की कुल संख्या: उत्तर प्रदेश के साथ-साथ अन्य राज्यों के मेधावी छात्र भी इस परीक्षा में बैठते हैं। प्रति सीट दावेदारों की संख्या जितनी अधिक होगी, प्रतियोगिता उतनी ही कठिन होगी।
- प्रश्नपत्र का स्तर: यदि परीक्षा में पूछे गए सवाल बहुत अधिक वैचारिक (Conceptual) या कठिन होते हैं, तो औसत स्कोर गिर जाता है, जिससे कट-ऑफ नीचे आ जाता है। वहीं सीधे और आसान सवाल होने पर मेरिट काफी ऊंची चली जाती है।
- नेगेटिव मार्किंग की अनुपस्थिति: इस परीक्षा में गलत उत्तरों के लिए कोई अंक नहीं काटे जाते। इसके कारण अभ्यर्थी सभी 125 प्रश्नों को हल करते हैं, जिससे कट-ऑफ स्कोर हमेशा थोड़ा ऊंचा ही रहता है।
UP TGT Expected Cut Off 2026: मुख्य विषयों का संभावित अनुमान
टीजीटी की परीक्षा में कुल 125 बहुविकल्पीय प्रश्न पूछे जाते हैं, और पूरा पेपर 500 अंकों का होता है (प्रत्येक सही उत्तर के लिए 4 अंक मिलते हैं)। वर्तमान प्रतियोगिता के स्तर को देखते हुए, सामान्य (General) वर्ग के अभ्यर्थियों के लिए एक सुरक्षित अनुमानित स्कोर का दायरा इस प्रकार देखा जा सकता है:
- हिंदी (Hindi): 105 से 110 प्रश्न सही (लगभग 420 – 440 अंक)
- सामाजिक विज्ञान (Social Science): 102 से 107 प्रश्न सही (लगभग 408 – 428 अंक)
- अंग्रेजी (English): 96 से 101 प्रश्न सही (लगभग 384 – 404 अंक)
- विज्ञान (Science): 90 से 95 प्रश्न सही (लगभग 360 – 380 अंक)
- गणित (Mathematics): 87 से 92 प्रश्न सही (लगभग 348 – 368 अंक – गणित में गणना लंबी होने के कारण इसका कट-ऑफ अक्सर थोड़ा कम रहता है)
(नोट: ओबीसी, ईडब्ल्यूएस, एससी और एसटी वर्ग के उम्मीदवारों का सुरक्षित स्कोर सामान्य वर्ग की तुलना में 4 से 10 प्रश्न तक कम रहने की उम्मीद है।)
UP PGT 2026: प्रवक्ता पद के लिए क्या रह सकता है ट्रेंड?
पीजीटी (प्रवक्ता) पद के लिए चयन प्रक्रिया थोड़ी अलग होती है। इसमें 125 प्रश्नों की लिखित परीक्षा 425 अंकों की होती है। इसके बाद 50 अंकों का साक्षात्कार (Interview) और 25 अंक विशेष योग्यताओं (जैसे पीएचडी, एमएड, बीएड) के आधार पर दिए जाते हैं। कुल 500 अंकों में से ही फाइनल मेरिट लिस्ट तैयार की जाती है।
चूंकि पीजीटी में पदों की संख्या टीजीटी की तुलना में काफी कम होती है, इसलिए यहाँ मुकाबला और अधिक कठिन हो जाता है। इतिहास, भूगोल, नागरिक शास्त्र और अर्थशास्त्र जैसे कला वर्ग के विषयों में लिखित परीक्षा में कम से कम 98 से 103 प्रश्न सही करना आपको सुरक्षित जोन में ला सकता है। वहीं भौतिकी, रसायन विज्ञान और जीव विज्ञान जैसे विज्ञान के विषयों में यदि आपके 92 से 96 प्रश्न सही बन रहे हैं, तो इंटरव्यू कॉल आने की संभावना काफी मजबूत हो जाती है।
पिछले ट्रेंड्स से क्या सीखें और क्या होनी चाहिए रणनीति?
यदि हम पिछले कुछ वर्षों के आंकड़ों का विश्लेषण करें, तो एक बात बिल्कुल साफ हो जाती है कि अब वह समय चला गया जब 80-85 सवाल सही करके चयन की सौ फीसदी उम्मीद की जा सकती थी। आज के डिजिटल दौर में बेहतरीन स्टडी मटेरियल की पहुंच गांव-गांव तक हो चुकी है, जिसके कारण छात्र बहुत ही शानदार तैयारी कर रहे हैं। संस्कृत और हिंदी जैसे कुछ विषयों में तो पुराना कट-ऑफ 115 प्रश्नों से भी ऊपर जा चुका है।
इसलिए, आपका लक्ष्य केवल ‘पासिंग मार्क्स’ हासिल करना नहीं होना चाहिए, बल्कि आपको परीक्षा में कम से कम 85% से 90% हिस्से को बिल्कुल सटीक हल करने का टारगेट सेट करना होगा।
अभ्यर्थियों के लिए हमारी विशेष राय
यूपी टीजीटी-पीजीटी 2026 की अंतिम चयन सूची में अपनी जगह पक्की करने के लिए केवल अनुमानित कट-ऑफ के भरोसे बैठना सही नहीं होगा। आपकी कोशिश हमेशा अपने स्कोर को अधिकतम करने की होनी चाहिए।
परीक्षा में कोई नकारात्मक अंकन न होने का पूरा फायदा उठाने के लिए समय प्रबंधन पर विशेष ध्यान दें। पुराने प्रश्नपत्रों को बार-बार हल करें और मॉक टेस्ट के जरिए अपनी स्पीड और सटीकता को सुधारें। कठिन टॉपिक्स के खुद के शॉर्ट नोट्स बनाएं ताकि आखिरी दिनों में त्वरित रिवीजन किया जा सके। सही दिशा में किया गया निरंतर प्रयास ही आपको कट-ऑफ के तनाव से दूर रखकर सीधे सफलता की राह पर ले जाएगा। सभी शिक्षक अभ्यर्थियों को हमारी ओर से ढेरों शुभकामनाएं!