UP TGT Cut Off Marks 2026: जानें इस साल क्या रह सकता है सुरक्षित स्कोर और क्या कहते हैं पुराने ट्रेंड्स
उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग (UPESSC) द्वारा आयोजित की जाने वाली टीजीटी (Trained Graduate Teacher) परीक्षा राज्य की सबसे लोकप्रिय और कड़े मुकाबले वाली भर्तियों में से एक है। उत्तर प्रदेश के अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों में सरकारी शिक्षक बनने का सपना सँजोए लाखों अभ्यर्थी हर साल इस परीक्षा में अपनी किस्मत आजमाते हैं। लिखित परीक्षा के समाप्त होने के बाद या तैयारी के दौरान, अभ्यर्थियों के मन में जो सबसे बड़ा सवाल उठता है, वह यही है कि— “चयन सूची में जगह पक्की करने के लिए कितने प्रश्न सही करने होंगे?”
कट-ऑफ मार्क्स असल में वह न्यूनतम अंक होते हैं, जिन्हें हासिल करने वाले उम्मीदवारों को ही अंतिम चयन सूची या अगले चरण के लिए योग्य माना जाता है। उत्तर प्रदेश में शिक्षक भर्ती का कॉम्पिटिशन लेवल समय के साथ लगातार बढ़ता जा रहा है। आइए, इस लेख में विस्तार से विश्लेषण करते हैं कि इस बार का अपेक्षित सुरक्षित स्कोर क्या हो सकता है और कौन से कारक इसे प्रभावित करते हैं।
इन मुख्य वजहों से बदलता है हर साल का कट-ऑफ स्कोर
परीक्षा के बाद कोई भी एक निश्चित आंकड़ा पहले से तय नहीं होता, क्योंकि फाइनल मेरिट लिस्ट कई जमीनी कारकों के आधार पर तैयार की जाती है:
- विषय-वार रिक्तियों की संख्या: टीजीटी परीक्षा में अलग-अलग विषयों के लिए सीटों की संख्या अलग होती है। जिस विषय में सीटें कम होती हैं, वहां मुकाबला कड़ा हो जाता है और कट-ऑफ काफी ऊपर चला जाता है।
- दावेदारों की कुल संख्या: इस परीक्षा में उत्तर प्रदेश के अलावा पड़ोसी राज्यों के अभ्यर्थी भी बड़ी संख्या में भाग लेते हैं। आवेदकों की बढ़ती संख्या हर एक सीट के लिए प्रतिस्पर्धा को कई गुना बढ़ा देती है।
- प्रश्नपत्र का कठिनाई स्तर: यदि किसी विषय का पेपर बहुत अधिक वैचारिक (Conceptual) या कठिन आता है, तो औसत स्कोर गिर जाता है, जिससे कट-ऑफ नीचे आ जाता है। वहीं सीधे और आसान सवाल होने पर मेरिट काफी ऊपर चली जाती है।
- नेगेटिव मार्किंग का न होना: यूपी टीजीटी परीक्षा में गलत उत्तरों के लिए कोई अंक नहीं काटे जाते। इसका फायदा उठाते हुए अभ्यर्थी सभी 125 प्रश्नों को हल करते हैं, जिससे कट-ऑफ स्कोर हमेशा उम्मीद से थोड़ा ऊंचा ही रहता है।
UP TGT Expected Cut Off 2026: मुख्य विषयों का संभावित अनुमान
टीजीटी की परीक्षा में कुल 125 बहुविकल्पीय प्रश्न पूछे जाते हैं, और पूरा पेपर 500 अंकों का होता है (यानी प्रत्येक सही उत्तर के लिए 4 अंक दिए जाते हैं)। वर्तमान प्रतियोगिता और पुराने ट्रेंड्स को ध्यान में रखते हुए, सामान्य (General) वर्ग के अभ्यर्थियों के लिए एक सुरक्षित अनुमानित स्कोर का दायरा इस प्रकार देखा जा सकता है:
- हिंदी (Hindi): 105 से 110 प्रश्न सही (लगभग 420 – 440 अंक)
- सामाजिक विज्ञान (Social Science): 102 से 107 प्रश्न सही (लगभग 408 – 428 अंक)
- अंग्रेजी (English): 96 से 101 प्रश्न सही (लगभग 384 – 404 अंक)
- विज्ञान (Science): 90 से 95 प्रश्न सही (लगभग 360 – 380 अंक)
- गणित (Mathematics): 87 से 92 प्रश्न सही (लगभग 348 – 368 अंक – गणित में गणना लंबी होने के कारण इसका कट-ऑफ अक्सर बाकी विषयों से थोड़ा कम रहता है)
(नोट: ओबीसी, ईडब्ल्यूएस, एससी और एसटी वर्ग के उम्मीदवारों का सुरक्षित स्कोर सामान्य वर्ग की तुलना में 4 से 10 प्रश्न तक कम रहने की उम्मीद है।)
श्रेणी-वार कट-ऑफ का समीकरण (Category-Wise Trends)
उत्तर प्रदेश सरकार के आरक्षण नियमों के अनुसार, विभिन्न श्रेणियों के कट-ऑफ में अंतर देखने को मिलता है। सामान्य वर्ग (General) का कट-ऑफ सबसे अधिक रहता है। अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) का कट-ऑफ सामान्य वर्ग के लगभग आसपास या 2-3 प्रश्नों के अंतर पर ही रहता है।
अनुसूचित जाति (SC) और अनुसूचित जनजाति (ST) के अभ्यर्थियों को कट-ऑफ में अच्छी राहत मिलती है; उनका सुरक्षित स्कोर सामान्य वर्ग से करीब 8 से 12 प्रश्न नीचे तक जा सकता है। इसलिए उम्मीदवारों को अपनी श्रेणी के पुराने आंकड़ों को देखकर ही अपनी तैयारी का बेंचमार्क तय करना चाहिए।
पिछले ट्रेंड्स से क्या सीखें और क्या होनी चाहिए रणनीति?
यदि हम पिछले कुछ वर्षों के आंकड़ों का विश्लेषण करें, तो एक बात बिल्कुल साफ हो जाती है कि अब वह समय चला गया जब 80-85 सवाल सही करके चयन की सौ फीसदी उम्मीद की जा सकती थी। आज के डिजिटल दौर में बेहतरीन स्टडी मटेरियल और ऑनलाइन कोचिंग की पहुंच गांव-गांव तक हो चुकी है, जिसके कारण छात्र बहुत ही शानदार तैयारी कर रहे हैं। संस्कृत और हिंदी जैसे कुछ विषयों में तो पुराना कट-ऑफ 115 प्रश्नों से भी ऊपर जा चुका है।
इसलिए, आपका लक्ष्य केवल ‘पासिंग मार्क्स’ हासिल करना नहीं होना चाहिए, बल्कि आपको परीक्षा में कम से कम 85% से 90% हिस्से को बिल्कुल सटीक हल करने का टारगेट सेट करना होगा।
अभ्यर्थियों के लिए हमारी विशेष राय
यूपी टीजीटी 2026 की अंतिम चयन सूची में अपनी जगह पक्की करने के लिए केवल अनुमानित कट-ऑफ के भरोसे बैठना सही नहीं होगा। आपकी कोशिश हमेशा अपने स्कोर को अधिकतम करने की होनी चाहिए।
परीक्षा में कोई नकारात्मक अंकन न होने का पूरा फायदा उठाने के लिए समय प्रबंधन पर विशेष ध्यान दें। पुराने प्रश्नपत्रों को बार-बार हल करें और मॉक टेस्ट के जरिए अपनी स्पीड और सटीकता को सुधारें। कठिन टॉपिक्स के खुद के शॉर्ट नोट्स बनाएं ताकि आखिरी दिनों में त्वरित रिवीजन किया जा सके। सही दिशा में किया गया निरंतर प्रयास ही आपको कट-ऑफ के तनाव से दूर रखकर सीधे सफलता की राह पर ले जाएगा। सभी शिक्षक अभ्यर्थियों को हमारी ओर से ढेरों शुभकामनाएं!