NEET UG 2026 Special Update: PwBD उम्मीदवारों के लिए NTA की बड़ी राहत, अब खुद चुन सकेंगे अपना ‘स्क्राइब’; जानें नया नियम और रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया
नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा ‘नीट यूजी 2026’ में शामिल होने वाले दिव्यांग (PwBD) अभ्यर्थियों के लिए एक बेहद संवेदनशील और ऐतिहासिक फैसला लिया है। एनटीए ने आधिकारिक तौर पर घोषणा की है कि परीक्षा में बैठने वाले पीडब्ल्यूबीडी (Persons with Benchmark Disabilities) श्रेणी के छात्र अब अपनी सुविधा के अनुसार खुद अपना ‘स्क्राइब’ (लिखने या पेपर हल करने में मदद करने वाला सहायक) चुन सकेंगे। इस विशेष सुविधा का लाभ उठाने के लिए एनटीए ने अपने डिजिटल परीक्षा पोर्टल पर एक नया रजिस्ट्रेशन विंडो भी लाइव कर दिया है।
यह कदम उन विशेष आवश्यकता वाले छात्रों के लिए एक बहुत बड़ी राहत लेकर आया है जो शारीरिक अक्षमता या लिखने में असमर्थता के कारण परीक्षा हॉल में दूसरों पर निर्भर रहते थे। पहले कई बार परीक्षा केंद्रों पर समय पर उपयुक्त सहायक न मिल पाने के कारण इन छात्रों को भारी मानसिक तनाव और असुविधा का सामना करना पड़ता था। एनटीए के इस नए फैसले से न सिर्फ परीक्षा की पारदर्शिता बढ़ेगी, बल्कि इन जुझारू छात्रों का आत्मविश्वास भी कई गुना मजबूत होगा।
क्या होता है स्क्राइब (Scribe) और इसकी जरूरत क्यों पड़ती है?
चिकित्सा विज्ञान और सामान्य बोलचाल की भाषा में ‘स्क्राइब’ उस सहायक या व्यक्ति को कहा जाता है जो किसी ऐसे परीक्षार्थी की तरफ से ओएमआर (OMR) शीट पर गोले भरता है या पेपर हल करने में मदद करता है जो स्वयं लिखने में पूरी तरह असमर्थ होते हैं।
नीट जैसी राष्ट्रीय स्तर की कठिन परीक्षा में अंधापन (Blindness), कम दृष्टि (Low Vision), लोकोमोटर डिसेबिलिटी (हाथों में गंभीर समस्या), या सेरेब्रल पाल्सी जैसी गंभीर शारीरिक चुनौतियों से जूझ रहे अभ्यर्थियों को इस सहायक की अनुमति दी जाती है। अब तक ज्यादातर मामलों में परीक्षा कराने वाली एजेंसी ही अपने स्तर पर स्क्राइब का इंतजाम करती थी, लेकिन इस बार छात्रों को खुद अपना सहायक लाने का विकल्प देकर एनटीए ने एक सराहनीय और मानवीय दृष्टिकोण पेश किया है।
खुद का स्क्राइब चुनने के लिए NTA के कड़े नियम और शर्तें
भले ही एनटीए ने छात्रों को खुद अपना सहायक चुनने की आजादी दे दी है, लेकिन परीक्षा की शुचिता और ईमानदारी बनाए रखने के लिए कुछ बेहद कड़े नियम और योग्यताएं भी तय की हैं:
- शैक्षणिक योग्यता की सीमा: छात्र जो स्क्राइब या सहायक अपने साथ लाएंगे, उसकी शैक्षणिक योग्यता नीट यूजी परीक्षा के निर्धारित स्तर से कम होनी चाहिए। यानी सहायक किसी भी स्थिति में 12वीं पास या मेडिकल की उच्च शिक्षा से जुड़ा हुआ व्यक्ति नहीं होना चाहिए। आमतौर पर इसके लिए 10वीं या 11वीं कक्षा के छात्रों को उपयुक्त माना जाता है।
- संबद्धता पर रोक: उम्मीदवार का स्क्राइब कोई ऐसा व्यक्ति नहीं होना चाहिए जो खुद नीट 2026 की परीक्षा में बैठ रहा हो या किसी मेडिकल कोचिंग संस्थान से जुड़ा हो।
- सर्टिफिकेट की अनिवार्यता: आवेदन करते समय उम्मीदवार को मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) या किसी सरकारी सिविल सर्जन द्वारा जारी किया गया वैध दिव्यांगता प्रमाणपत्र (Disability Certificate) और स्क्राइब की शैक्षणिक योग्यता का प्रमाण पत्र पोर्टल पर अपलोड करना होगा।
रजिस्ट्रेशन पोर्टल पर अप्लाई करने का स्टेप-बाय-स्टेप तरीका
यदि आप या आपके परिवार में कोई नीट 2026 का पीडब्ल्यूबीडी अभ्यर्थी है और इस सुविधा का लाभ उठाना चाहता है, तो नीचे दिए गए सरल चरणों का पालन करके रजिस्ट्रेशन पूरा कर सकते हैं:
- सबसे पहले नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) के आधिकारिक नीट यूजी परीक्षा पोर्टल पर विजिट करें।
- होमपेज पर कैंडिडेट एक्टिविटी सेक्शन के अंतर्गत चमक रहे “Registration for Scribe Choice – PwBD Candidates NEET 2026” वाले लिंक पर क्लिक करें।
- अपने मुख्य नीट एप्लिकेशन नंबर (Application Number) और जन्मतिथि (Date of Birth) की मदद से डैशबोर्ड में लॉगिन करें।
- लॉगिन करने के बाद ‘Scribe Opt-In’ के विकल्प को चुनें और वहां दिए गए फॉर्म में अपने द्वारा चुने गए सहायक की सभी निजी और शैक्षणिक जानकारियां दर्ज करें।
- इसके बाद सहायक की एक हालिया पासपोर्ट साइज फोटो, उसका आधार कार्ड और उसकी स्कूल आईडी/मार्कशीट को स्कैन करके निर्दिष्ट फॉर्मेट (JPG/PDF) में अपलोड करें।
- सभी विवरणों को एक बार दोबारा ध्यान से जांच लें और फिर ‘सबमिट’ बटन पर क्लिक करके अपना अनुरोध दर्ज करा दें। सफलता पूर्वक सबमिशन के बाद कन्फर्मेशन पेज का प्रिंटआउट जरूर ले लें।
अतिरिक्त समय (Compensatory Time) का भी मिलेगा लाभ
एनटीए के नियमों के अनुसार, जिन पीडब्ल्यूबीडी उम्मीदवारों को स्क्राइब की सुविधा दी जाती है या जो इसके लिए पात्र पाए जाते हैं, उन्हें परीक्षा के तय समय के अलावा अतिरिक्त प्रतिपूरक समय (Compensatory Time) भी दिया जाता है।
नीट की पारंपरिक 3 घंटे 20 मिनट की परीक्षा में इन विशेष श्रेणी के छात्रों को प्रति घंटे 20 मिनट के हिसाब से अतिरिक्त समय दिया जाएगा। इसका मतलब यह है कि उन्हें अपना प्रश्नपत्र हल करने के लिए कुल मिलाकर लगभग 1 घंटा 06 मिनट का एक्स्ट्रा समय मिलेगा, जिससे वे बिना किसी हड़बड़ी के अपने सहायक की मदद से पूरे 200 प्रश्नों को पढ़ और समझ सकेंगे।
हमारी राय और अंतिम सलाह
नेशनल टेस्टिंग एजेंसी का यह फैसला समावेशी शिक्षा (Inclusive Education) और सभी के लिए समान अवसर के सिद्धांत को पूरी तरह चरितार्थ करता है। जो छात्र खुद अपना स्क्राइब चुन रहे हैं, उन्हें हमारी सलाह है कि वे परीक्षा से कम से कम 10-15 दिन पहले ही अपने सहायक के साथ बैठकर तालमेल बिठा लें। पुराने प्रश्नपत्रों को सहायक की मदद से हल करने का अभ्यास करें ताकि परीक्षा के दिन भाषा या समझने का कोई गैप न रहे।
सभी दस्तावेजों को समय रहते रजिस्ट्रेशन पोर्टल पर अपलोड कर दें ताकि अंतिम समय में तकनीकी कारणों से आपका अनुरोध निरस्त न हो। विपरीत परिस्थितियों से लड़कर डॉक्टर बनने का जज्बा रखने वाले इन सभी जांबाज एस्पिरेंट्स को हमारी ओर से दिल से सलाम और परीक्षा के लिए ढेरों शुभकामनाएं!